ब्यूरो रिपोर्ट - वीरेन्द्र कुमार-
गोण्डा कर्नलगंज
कर्नलगंज नगर के गाड़ी बाजार स्थित लगभग 146 वर्ष प्राचीन प्रसिद्ध जालपा मंदिर (जनकपुरी) में शनिवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं नगर शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा से पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
बताया जाता है कि जालपा मंदिर का निर्माण वर्ष 1880 ईस्वी में नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी ठाकुर जालपादीन पुत्र बाबूराम हैहैयवंशी क्षत्रिय द्वारा कराया गया था। उनके नाम पर ही इस मंदिर का नाम जालपा मंदिर पड़ा। इस मंदिर में पहले अष्टधातु की भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की प्राचीन मूर्तियां विराजमान थीं, जो मंदिर के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण मानी जाती थीं।
करीब 40 वर्ष पूर्व मंदिर में चोरी की एक बड़ी घटना हुई थी, जिसमें अष्टधातु की सभी बहुमूल्य मूर्तियां चोरी हो गई थीं। उस समय नगरवासियों के विरोध के बाद पुलिस ने मूर्तियां बरामद तो कर लीं, लेकिन खंडित होने और अत्यधिक कीमती होने के कारण उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से मालखाने में ही रखा गया, जो आज भी पुलिस अभिरक्षा में बताई जाती हैं।
नगर में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव के दौरान इस मंदिर का विशेष महत्व माना जाता है। रामलीला की शुरुआत में निकलने वाली शोभायात्रा सबसे पहले इसी मंदिर में आकर आशीर्वाद लेती है, जिसके कारण इस मंदिर को जनकपुरी के नाम से भी जाना जाने लगा।
समय के साथ मंदिर की स्थिति काफी जर्जर हो गई थी। इसे देखते हुए नगर के हिंदू समाज और स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर का पुनः जीर्णोद्धार कराया गया। इसके बाद 7 मार्च 2026 को विधि-विधान के साथ मंदिर में भगवान श्रीराम-जानकी दरबार, राधा-कृष्ण एवं शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई।
प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में नगर के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला।
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