बलरामपुर यूपी-दुराचारी को सात वर्ष का सश्रम कारावास

रिपोर्ट - के के गुप्ता

बलरामपुर। एफटीसी प्रथम न्यायालय ने दुराचार के आरोपी को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
यह जानकारी देते हुए सरकारी अधिवक्ता रणधीर सिंह ने बताया कि थाना महराजगंज तराई के एक व्यक्ति ने मुकदमा लिखवाया था कि उसकी पत्नी 23 अगस्त 2016 की सुबह खेत में गई थी तभी गांव के ही राम हरीश ने पत्नी को छेड़ा। मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी ।

पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरु की। विवेचना के दौरान पुलिस ने दुराचार की धारा की बढ़ोत्तरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता रणधीर सिंह ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने घटना को फर्जी व झूठा बताते हुए राम हरीश को निर्दोष बताया। सरकारी अधिवक्ता ने अधिकतम सजा दिए जाने की अपील की।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम विनोद कुमार पंचम ने राम हरीश को दुराचार का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास व 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को साढ़े तेरह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

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