लखीमपुर यूपी-SC में लखीमपुर मामले में अब तक हुई जांच से संतुष्ट नहीं

रिपोर्ट -के के गुप्ता श्रावस्ती


SC में लखीमपुर मामले में अब तक हुई जांच से संतुष्ट नहीं

SC ने यूपी सरकार से HC के पूर्व जज से  मामले निगरानी कराने के कोर्ट के सुझाव पर अपना जवाब मांगा
SC ने पंजाब हरियाणा HC के पूर्व जज जस्टिस रणजीत सिंह,पूर्व जज जस्टिस राकेश कुमार के नाम का सुझाव दिया*लखीमपुर खीरी मामला*

CJI ने यूपी सरकार से पूछा पिछले 10 दिनों में क्या प्रगति हुई?
आपकी जो रिपोर्ट है उसमें कुछ भी नया नही है। आपकी रिपोर्ट में कुछ गवाहों और जांच की बात है। 

CJI ने पूछा लैब की रिपोर्ट, इलेक्ट्रनिक एविडेंस जैसा कुछ नही है।

यूपी की तरफ साल्वे ने कहा कि लैब रिपोर्ट 15 नवंबर को मिलेगी।

CJI ने पूछा कि मोबाइल फोन को लेकर आपने क्या किया?आप कह रहे है कि आशीष मिश्रा के मोबाइल फोन की जांच जारी है।

जस्टिस कोहली ने कहा कि और फोन भी होंगे और कितने फोन की जांच की जा रहे है? 
आशीष मिश्रा और गवाहों के फोन के अलावा आपने किसी का फ़ोन ट्रैक नही किया गया

क्या दूसरे आरोपियों ने मोबाइल का इस्तेमाल नही किया। साल्वे के कहा कि अन्य आरोपियों के पास मोबाइल फ़ोन नही था?

साल्वे ने कहा कि हमने अपनी रिपोर्ट मे आशीष के सेलफोन फोन की लोकेशन दिया है।
CJI ने कहा अन्य आरोपियों के सेलफोन कि लोकेशन कहां है?
आप रिपोर्ट के पैरा 7 कि बात कर रहे हैं। उसमें कुछ नहीं है।

साल्वे ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है और हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है।हमने मजिस्ट्रेट ने सामने बयान दर्ज कर लिए हैं। साक्ष्यों कि सामग्री भी रिकॉर्ड में लिया गया है।

साल्वे ने कहा कि CCTV से हमने आरोपियों के मौजूद होने कि स्थिति स्पष्ट कि है। 
घटना के समय काफी लोग मौजूद थे और हम दोनों FIR कि अलग-अलग जांच कर रहे हैं। कोई कोताही नहीं की जा रही है।

साल्वे ने कोर्ट को बताया कि कार से खींच को लोगों को मारा गया। जिसमें क्षेत्रीय लोग भी हैं और उस मामले में थोड़ी परेशानी आ रही है। लेकिन हम सावधानी से जांच कर रहे हैं।

जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा बाकी आरोपियों के CDR डिटेल कहाँ है?

साल्वे ने जवाब देते हुए कहा कि CDR हमारे पास है।

कोर्ट ने कहा कि SIT दोनों FIR के बीच अंतर ही नही कर पा रही है।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम इस मामले में हाई कोर्ट के।पूर्व जज को नियुक्त किया जाए जो मामले कि प्रतिदिन के आधार पर निगरानी करें।
कोर्ट के पंजाब हाई कोर्ट के पूर्व जज रंजीत सिंह और राकेश कुमार का नाम सुझाया।

CJI ने वकील हरीश साल्वे से कहा कि मृतक श्याम सुंदर के मामले में हो रही जांच में लापरवाही पर क्या कहेंगे?
कोर्ट ने यह सवाल घटना में मृतक श्याम सुंदर के वकील के अपने मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसीय करने पर पूछा।

साथ ही पीठ ने मृतक श्याम सुंदर कि पत्नी कि के वकील से कहा मामला CBI को सौंपना कोई हल नहीं है।


CJI ने ममाले पर सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा कि यूपी सरकार अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस से पूरे मामले निगरानी कराने के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर अपना जवाब दाखिल करे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जज रंजीत सिंह या राकेश कुमार को ज़िम्मा दिया जा सकता है।

साल्वे ने कहा कि जांच में पता चल कि पत्रकार कश्यप भी गाड़ी से कुचले गए। इसलिए उस FIR को किसानों की हत्या वाले FIR से जोड़कर जांच की जा रही है।

CJI ने कहा कि हम शुक्रवार 12 नवंबर को सुनवाई करेंगे।

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