अंबेडकरनगर यूपी -ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय का सपना नहीं हो सका अपना

रिपोर्ट केके गुप्ता-

ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय का सपना नहीं हो सका अपना

*कहीं जगह नहीं तो कहीं बजट का रोना, 902 पंचायत सचिवालय का होना था निर्माण*

अंबेडकरनगर
ग्रामीणों की किसी भी स्तर की पेंशन, जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य कुछ प्रमाणपत्र के आवेदन के लिए जिला, तहसील या ब्लॉक मुख्यालय तक की भागदौड़ बचाने के लिए ग्राम पंचायतों में की गई मिनी सचिवालयों की व्यवस्था स्थापना के उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पा रही। जनसेवा केंद्र की तर्ज पर संचालित होने वाले मिनी सचिवालयों के विधिवत संचालन के लिए
 लगभग सभी जगह यूजर आईडी व पासवर्ड का इंतजार है। इसके अलावा कुछ जगह इंटरनेट सुविधा का अभाव है तो कहीं भवन तो कहीं कंप्यूटर या फर्नीचर की कमी काम में रोड़ा बनी हुई है।जब हमारी टीम ने अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर ब्लॉक के मिनी सचिवालयों की पड़ताल की तो कुछ ऐसे ही हालात सामने आए। एक छत के नीचे ग्रामीणों के तमाम जरूरी काम पूरे होने का सपना जमीनी की हकीकत की जगह आंखों तक ही सीमित नजर आया।जरूरी संसाधन न मिलने से ये पंचायत सहायक ग्रामीणों को सुविधाएं देने में सहायक नहीं बन पा रहे हैं। शासन से पंचायत सहायक के लिए 6000 रुपये प्रति माह मानदेय का प्रावधान है। कुछ को मानदेय का इंतजार है। जिनको मानदेय मिल रहा है उनकी उपयोगिता साबित न होने से वह सरकारी धन के दुरुपयोग जैसा है। प्रदेश की योगी सरकार ने ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर मिनी सचिवालय के निर्माण का कार्य शुरू किया है। जिले में ही सरकार ने 446 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। लगभग 22 से 25 लाख की लागत से बन रहे इन पंचायत भवनों पर सरकार का एक अरब रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है। शासन की मंशा है कि इन पंचायत भवनों का निर्माण हो जाने से आम नागरिकों को कई सुविधाएं मिलेंगी। एक तरफ जहां पंचायत स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीणों को नियमित रूप से इस स्थान पर मिलेंगे, जिससे उन्हें अपना काम निस्तारित कराने में आसानी होगी। इसके अलावा सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने में भी मदद होगी। मौजूदा समय में जिले में कुल 902 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 862 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बन गए हैं। अभी 40 ग्राम पंचायतों में इसका निर्माण नहीं हुआ है। इसमें 9 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जहां पर पंचायत भवन के लिए भूमि ही नहीं उपलब्ध हो पाई है।
*मिनी सचिवालय से ग्रामीणों को ये मिलनी थीं सुविधाएं*
- वृद्धावस्था, विकलांग, विधवा पेंशन के आवेदन की सुविधा
- जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए पंजीकरण की सुविधा
- जाति, मूल निवास, आय प्रमाणपत्र के आवेदन की सुविधा
- खसरा, खतौनी की नकल हासिल करने की सुविधा
- लाभार्थियों से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी लेना
- सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने की सुविधा
- ऑनलाइन शिकायत करने की सुविधा

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